एक कार्यकर्ता को पांच लाभार्थियों की जिम्मेदारी दी गई, जिनसे उन्हें प्रतिदिन मिलना था और जिले के आईटी सेल के एक नंबर पर मिस्ड काल करानी थी. इस काम में पूरे राज्य में लगभग 30 लाख कार्यकर्ताओं को लगाया गया था. इनमें ज्यादातर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े समर्पित कार्यकर्ता थे.
from Zee News Hindi: India News http://bit.ly/2K32igm

0 Comments